14 फरवरी: प्रेम दिवस या ब-लिदान दिवस; जानिए पूरा सच!

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मोहब्बत के बिना जिन्दगी फिजूल है,

पर मोहब्बत के भी अपने उसूल हैं.

कहते हैं मिलती है मोहब्बत में बहुत उल्फतें ,
पर आप हो महबूब तो सब कुबूल है.

 कोई शख्स इस धरती पर ऐसा नहीं होता जो प्रेम से अछूता है.  फरवरी को प्रेम माह और वेलेंटाइन डे को प्रेम दिवस के तौर पर मनाया जाता है. आज के आधुनिक दौर में इसका चलन तेजी से बढ़ा है. न केवल प्रेमी-प्रेमिका बल्कि इस दिन व्यक्ति अपने जिन्दगी में सबसे ज्यादा अहमियत रखने वाले शख्स का शुक्रिया अदा करता है और प्रेम की भावना का इजहार करता है.

भले ही पाश्चात्य संस्कृति का हिस्सा रहा हो लेकिन भारतीय संस्कृत के साथ पूरी तरह घुल चूका है और यह सही भी है. महात्मा गाँधी ने कहा था कि हमें अपने घर के खिड़की-दरवाजे हमेशा खुले रखने चाहिए ताकि स्वच्छ  हवा अन्दर आ सके.

प्रेमपूर्ण व्यवहार किसे अच्छा नहीं लगता. किसे अच्छा नही लगता कि उसे प्यार किया जाता है. बशर्ते सही मायनों में प्यार हो.

वेलेंटाइन डे पूरे दुनिया में प्रेम दिवस के तौर पर मनाया जाता है लेकिन इसके पीछे भी एक बलिदानी का किस्सा है.

सेंट वेलेंटाइन के याद में वेलेंटाइन डे मनाया जाता है. उनके सम्मान में यह दिवस मनाया जाता है.  1260 में संकलित हुई  ‘ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन’  पुस्तक के अनुसार रोम में  सम्राट क्लॉडियस ने तीसरी शताब्दी में विवाह पर रोक लगा दिया था. यह खबर पूरी तरह फैल गई  और लोगों ने इसके खिलाफ जाकर विवाह किया. इससे नाराज राजा ने सेंट वेलेंटाइन को फाँ-सी की स-जा 14 फरवरी सन् 269 दी.

इस वक्त भी उन्होंने जे-लर की ही नेत्रहीन बेटी जैकोबस को नेत्र दान दिया . उनके इस त्याग और बलिदान ने लोगों का दिल जीत लिया और उनके सम्मान और स्मृति में 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे मनाया जाने लगा.  जापान और कोरिया में ‘वाइट डे’ और चीन में ‘नाइट्स ऑफ सेवेन्स’ के नाम से इसे मनाया जाता है.  हिंदी साहित्य में प्रेम का अपना एक विशेष महत्त्व हैं वहीँ अंग्रेजी साहित्य में भी इस दिन को मिलन ऋतु के नाम से मनाया जाता है.

इस दिन विदेशों में सभी युवक एक डब्बे में अपनी मनपसंद युवती के नाम लिखकर डाल देते हैं और आँख बंद कर उसमें से सभी एक पुड़िया निकालते हैं. उस दिन उसी लड़की के साथ उन्हें यह त्यौहार मनाना होता है. नृत्य करते हैं, गाना-बजाना और खाना-पीना करते हैं.

भारत में इसकी शुरुआत 1992 के आसपास हुई थी और प्रेमी-प्रेमिका इसे एक सप्ताह पूर्व से मनाते हैं. यह पूरे 1 सप्ताह तक चलता है. हर दिन का अपना एक विशेष महत्व होता है.

तेरी धड़कन ही जिन्दगी का किस्सा है मेरा,
तू जिन्दगी का एक अहम हिस्सा है मेरा.

मेरी मोहब्बत तुझसे सिर्फ लफ्जों की नहीं है,

तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा

 भारत में पिछले वर्ष 14 फरवरी को इतिहास का काला दिन घोषित किया गया था. आतंकी हमले में भारत के 40 जवान शहीद  हो गए.  देश प्रेम में शहीद हुए वीर जवानों की बलिदानी को देश हमेशा याद रखेगी. भारत में इस दिन जवान उन शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

प्रेम दिवस के इस दिन को हमें अपनों को मनाते हुए उन लोगों को कतई नहीं भूलना चाहिए जो सही मायनों में प्रेम को स्थापित करते हैं.

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