बिहार के कई जिलों में 18 से 20 जुलाई के बिच बारिश की चेतवानी, इन जिलों के लोग घरो में ही रहे

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बिहार में एक तरफ कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है तो दूसरी तरफ लगातार बारिश की वजह से कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बन गयी है. बिहार और नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही रुक-रुक कर बारिश के कारण इलाके में बाढ़ का खतरा बना हुआ है. कई नदियां अभी भी उफान पर हैं. हालाँकि बागमती नदी खतरे के निशान से निचे उतर गयी है. लेकिन खबरों के अनुसार बूढी गंडक नदी रेवा घाट में खतरे के निशान को पार कर गयी है. वहीं, नेपाल के तराई व कोसी के जल अधिग्रहण क्षेत्र में बीते 24 घंटे के अंदर बारिश की रफ्तार थमने से कोसी नदी के जलस्तर में कमी देखि गयी है.

खबर यह मिल रही थी की 17 जुलाई से बिहार में मौसम थोड़ा शांत होगी और बारिश की रफ़्तार घटेगी. लेकिन मौसम विभाग के अनुसार बिहार के कई जिलों में 18 से 20 जुलाई तक बारिश होने की संभावना है. बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री संजय झा ने ट्वीट कर यह जानकारी दी की ,बिहार के पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज जिलों में 18 से 20 जुलाई के बीच, जबकि सीतामढ़ी, मधुबनी, शिवहर, दरभंगा, अररिया, किशनगंज, सुपौल, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार में 20 जुलाई को बारिश की संभावना है.

जल संसाधन विभाग ने जो जानकारी दी है उसके अनुसार बागमती नदी के जल स्तर में गिरावट देखि जा रही है लेकिन हाया घाट दरभंगा में उसके जल स्तर में वृद्धि हुई है. महानंदा नदी के जल स्तर में भी गिरावट हुई है. लेकिन बूढी गंडक नदी के जल स्तर में वृद्धि मुज़्ज़फरपुर ,समस्तीपुर, खगड़िया में कुछ जगहों पर दर्ज की गयी है. खबर यह भी है की बूढी गंडक नदी रेवा घाट में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. वही गंगा नदी ने अभी तक कही खतरे के निशान को पार नहीं किया है लेकिन उसके आसपास ही है. गंगा के जल स्तर में भी पटना ,मुंगेर , भागलपुर के कई जगहों पर वृद्धि बताई जा रही है.

हालाँकि मौसम विभाग के अनुसार यह भी बताया गया है की बिहार में हवा शुष्क हो रही है और इसके साथ ही चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र झारखंड की तरफ बढ़ता जा रहा है और उत्तरप्रदेश के तटवर्ती क्षेत्रों में चलने वाली हवाओं का रुख बिहार होते हुए झारखंड और छत्तीसगढ़ की तरफ जा रहा है. इसकी वजह से बिहार में अब धीरे-धीरे मौसम सामान्य हो रहा है.

बिहार के कई जिलों में अब तक जो बारिश हुई है उसने पहले से ही काफी तबाही मचा रखी है. बिहार में इस साल आकाशीय बिजली गिरने के कारण करीबन डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की अब तक जान जा चुकी है. बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर नीतीश कुमार लगातार बैठकें कर रहे हैं. वे बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का भी दौरा कर चुके हैं. दूसरी ओर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी एनडीआरएफ की टीम के साथ बैठक की हैं. बाढ़ की संभावित खतरों को लेकर फिलहाल तैयारियां जोरों पर है. कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण, मधुबनी तथा पटना जैसे जिलों में बाढ़ का हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. हालांकि, सरकार का कहना है कि बिहार में बाढ़ की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है. लेकिन इस बाढ़ ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है. कई इलाकों में खरीफ फसल बर्बाद हो गई है. ना जाने कितने ही लोगो को घर छोड़ दूसरे जगहों पर अपना ठिकाना ढूढ़ना परा है.

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