Weekend Masti : इस मानसून में लीजिये ‘वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान’ का मजा

0
591

दोस्तों मानसून का समय चल रहा है ऊपर से सप्ताहांत भी है। जुलाई का आखिरी रविवार भी आ रहा है जिसको लेकर आपने भी अपने किसी दोस्तों या परिवार के सदस्यों के साथ कहीं घूमने का प्लान बनाया होगा। बरसात के मौसम में घूमने का अपना  एक अलग ही मजा है। इस दौरान अगर किसी ऐसे जगह घुमा जाए जहां सिर्फ हरियाली ही हरियाली हो तो वीकेंड मस्ती में एक अलग ही मजा आ जाता है। अगर आप भी कर रहे है ऐसा प्लान तो आपके मस्ती के लिए चम्पारण का वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है।

आइये जानते है कि वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान के बारे में
वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान बिहार के पश्चिमी चम्पारण में शिवालिक पर्वत श्रेणी के बाहरी सीमा में स्थित है। यह राष्ट्रीय उद्यान पश्चिमी चंपारण जिले के सबसे उत्तरी भाग में नेपाल की सीमा के पास बेतिया से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ अधिकांशतः वन क्षेत्र है. यहाँ सिर्फ हरियाली आच्छादित है। यह करीब 900 गज में फैला हुआ है। इसके उत्तर में नेपाल के रॉयल चितवन नेशनल पार्क और पश्चिम में हिमालय पर्वत की गंडक नदी है।

ये जानवर रहते है यहाँ
वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान में बाघ,हिरण, सीरो, चीते,स्‍लॉथ बीयर, भेडिए, अजगर, पीफोल, चीतल, जंगली बिल्लियां, हॉग डीयर, जंगली कुत्ते, सांभर, नील गाय, हाइना, भारतीय सीवेट,एक सींग वाले राइनोसिरोस रहते है ,इसके अलावा यहाँ कभी कभार चितवन से चलकर भारतीय भैंसे भी आ जाते है
यहां पर आप बाघ, तथा भारतीय भैंसे लकर वाल्‍मीकि नगर में आ जाते हैं। इन सब के अतिरिक्त चीतल, काला हिरण, फिशिंग कैट्स, तेंदुए आदि कई जानवर अक्सर वाल्मीकि उद्यान में दिख जाते है।

वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान जाने का रास्ता
बिहार का बेहद प्रसिद्द पर्यटन स्थल वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान जाने के रेल मार्ग एक उत्तम साधन है। पश्चिमी चंपारण जिला में नरकटियागंज रेल हैड के पास ही यह उद्यान स्थित है।

  • 14
  •  
  •  
  •  
  •  
    14
    Shares
Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here