एनडीए और महागठबंधन में चल रही जंग के बीच पुष्पम प्रिया चौधरी क्या कर रहीं हैं ?

बिहार विधानसभा का चुनाव निकट है. दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच नुराकुश्ती का खेल जारी है. बयानों के आदान प्रदान से लेकर बैनर, पोस्टर के माध्यम से एक दूसरे की टांग खिंचाई का खेल भी चरम सीमा पर पहुंचा हुआ है. ऐसे दौर में सीएम पद की उम्मीदवार और प्लुरल्स पार्टी की प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी थोड़े अलग तरीके से अपने चुनाव अभियान में जुटी हुई हैं, जो बेहद सकारात्मक है. दरअसल पुष्पम प्रिया चौधरी इन दिनों के पूरे बिहार के दौरे पर निकली हुई हैं. बिना किसी लाव लश्कर के, बगैर किसी तामझाम के.

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मीडिया कवरेज भी नहीं

पुष्पम प्रिया ने बिहार के कई जिलों यहां तक की जिलों के सुदूर गांवों का अब तक भ्रमण कर लिया है. उनका भ्रमण कार्यक्रम बड़े ही जोरों शोरों से चल रहा है. उनके कार्यक्रमों की जानकारी लोकल या बिहार की राज्य स्तरीय मीडिया को भी नहीं होता. हमें भी जो जानकारी मिली है, उनके सोशल मीडिया अकाउंट से ही हासिल हुई है.

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विकास और रोजगार का ब्लू प्रिंट

प्लुरल्स पार्टी की अध्यक्ष बिहार के अलग अलग हिस्सों में जाकर कैसे बिहार को समृद्ध प्रदेश बनाया जा सकता है, कैसे पहले से उपलब्ध साधनों, संसाधनों से बिहार के युवाओं को रोजगार दिया जा सकता है, इस पर फोकस कर रहीं हैं. कैमूर जिले की पहाड़ियों और जलप्रपातों का उन्होंने निरीक्षण किया और बताया कि ये पहाड़ियां व्यापक पर्यटन का केंद्र बन सकती हैं और स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जा सकता है.

ग्लोबल मार्केट की कर रहीं बात

पुष्पम प्रिया चौधरी छोटे छोटे गांवों और कस्बों में मिट्टी की कलाकारी करने वाले कुम्हारों के लिए ग्लोबल मार्केट की बात करती हैं. वो स्थानीय स्तर पर फलों और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए प्रोसेसिंग प्लांट की बात करती हैं. वो अपनी यात्राओं की जानकारी साझा करते हुए कहती हैं कि नया सप्ताह, नई यात्रा, नए लोग. नई तरह की समस्याएं तो नए तरीके से समाधान भी करना होगा. पुष्पम प्रिया बिहार के सरकारी स्कूलों में जाती हैं और वहां के बच्चों की मुस्कान में बिहार का भविष्य तलाशती हैं.

जातीय राजनीति में पुष्पम के लिए कितने मौके

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बिहार में जहां जातीय राजनीति का चक्रव्यूह चलता है, उसे अपनी सकारात्मक राजनीतिक शैली से पुष्पम कितना तोड़ पाती है, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा. वैसे अपनी सकारात्मक राजनीतिक शैली की तरह पुष्पम प्रिया चौधरी अपनी आगामी चुनावी सफलता के लिए भी सकारात्मक विचार ही रखती हैं.

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