जानिए, पटना में कहां से कहां तक चलेगी मेट्रो

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बिहार विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है. बिहार में सड़को की स्थिति में पहले से बहुत सुधार हुआ है. बिहार में अगर सड़कों की बात करें तो की नेशनल हाईवे से लेकर स्टेट हाइवे तक की स्थिति में सुधार हुआ है. ऐसे में अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल पटना मेट्रो के लिए काम शुरू हो गया है. पटना मेट्रो रेल परियोजना पर 13 हजार 365 करोड़ से अधिक बजट पास किया गया है. इस परियोजना में 20 फीसदी केंद्र सरकार और 20 फीसदी बिहार सरकार खर्च करेगी बाकी 60 फीसदी जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी से लिया जाएगा.

पटना मेट्रों पर तेजी से काम करने के लिए पटना मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड का गठन किया गया है. पटना में मेट्रो के फेज-1 में दो कॉरिडोर होंगे. कॉरिडोर 1 में दानापुर से मीठापुर और कॉरिडोर 2 में गांधी मैदान से पाटलिपुत्र बस अड्डा होगा. सबसे पहले दूसरे कॉरिडोर की प्रायोरिटी कॉरिडोर में काम शुरू किया जा रहा है. बता दें कि यह हिस्सा राजेंद्र नगर से मलाही पकड़ी होकर जीरोमाइल होते हुए न्यू आईएसबीटी तक जाएगा. करीब 14.564 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में मिट्टी के जांच का काम हो गया है. यहां मेट्रो एलीवेटेड यानी जमीन से ऊपर से गुजरेगी.

पटना मेट्रो के फेज-1 के प्रस्तावित मेट्रो स्टेशनों में कोरिडोर-1 और कोरिडोर-2 दो अलग अलग हिस्सों में बांटा गया है. कॉरिडोर-1 17.933 किमी लंबा है तो वहीं कॉरिडोर-2 14.564 किमी लंबा है. दोनों ही कॉरिडोर में कॉरिडोर-1 में 14 मेट्रो स्टेशन हैं तो वहीं कॉरिडोर-2 में 12 मेट्रो स्टेशन हैं. आइए हम जान लेते हैं कॉरिडोर-2 में मेट्रो स्टेशन के बारे में पटना में मेट्रो की शुरुआत होती है तो सबसे पहली मेट्रो पटना रेलवे स्टेशन से शुरू होगी उसके बाद वह आकाशवाणी स्टेशन पर रुकेगी उसके बाद गांधी मैदान, उसके बाद पीएमसीएच, उसके बाद पटना विवि, उसके बाद मोइनुलहक स्टेडियम, उसके बाद राजेंद्र नगर, उसके बाद मलाही पकड़ी, उसके बाद खेमनी चक, उसके बाद भूतनाथ रोड, उसके बाद जीरो माइल और सबसे आखिरी में आईएसबीटी तक जाएगी. वहीं इसकी पूरी लंबाई 14.564 किमी होगी. जिसमें से 7.296 किमी भूमिगत मेट्रो होगी तो वहीं 6.638 किमी ऊपरगामी मेट्रो होगी.

वही, अगर कॉरीडोर-1 स्टेशन की बात करें तो दानापुर से खुलेगी उसके बाद यह सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, पाटलिपुत्र, रुकनपुरा, राजाबाजार, पटना चिड़ियाघर, विकास भवन, विद्युत भवन, पटना स्टेशन, मीठापुर, रामकृष्ण नगर, जगनपुरा और खेमनीचक इसका आखिरी स्टॉपेज होगा. इसकी कुल लंबाई 17.933 किमी होगी. जिसमें से 10.54 किमी मेट्रो भूमिगत मेट्रो होगी तो वहीं 7.393 किमी जमीन के ऊपर होगी.

दूसरे फेज के लिए आरब्लॉक से दीघा के बीच मेट्रो चलाने की योजना के तहत सड़क के बीचोबीच जगह छोड़ी गई है. यह दूरी तकरीबन पांच किलोमीटर है. यहां मेट्रो रूट एलिवेटेड होगा.

पटना मेट्रो का एक डिपो एतबारपुर में प्रस्तावित है. मगर डीएमआरसी ने इस डिपो को खत्म किए जाने का सुझाव दिया है. कहा है कि सिर्फ न्यू आईएसबीटी के डिपो से ही दोनों कॉरीडोर को जोड़ दिया जाएगा. अब न्यू आईएसबीटी में ही 10 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन लेने की बात कही गई है. ताकि स्टाफ क्वार्टर व व्यावसायिक स्थल विकसित किया जा सके. DMRC के प्रस्ताव के अनुसार मेट्रो को एतबारपुर न ले जाकर मीठापुर से खेमनीचक होते हुए न्यू आईएसबीटी ले जाया जाएगा. इसमें स्टेशनों की संख्या बढ़ जाएगी. मौजूदा डीपीआर के अनुसार पटना जंक्शन में ही इंटरचेंज स्टेशन था लेकिन नये डीपीआर के अऩुसार खेमनीचक में भी आप रूट को बदल सकते हैं.

जब पटना मेट्रों पटरीयों पर दौड़ना शुरू कर देगी उसके बाद से पटना में लोगों को जाम से निजात मिल जाएगा. और पटना भी दिल्ली और मुंबई की तरह तेज रफ्तार वाली शहरों में गीना जाने लगेगा.

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