जानिए 15 जनवरी को क्यों मनाया जाएगा मकर संक्रांति, जाने स्नान दान का महत्व

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माघ महीने का दूसरा सबसे प्रमुख स्नान माना जाता है मकर संक्रांति को इस बार मंकर संक्रांति (makar sankranti) का त्योहार 15 जनवरी यानी कि बुधवार को मनाया जाएगा. मकर संक्रांति को लेकर अगर आपके मन में उलझन की स्थिति बनी हुई है तो इसका एक लाइन में सटीक जवाब यह है कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार 15 जनवरी दिन बुधवार को मकर संक्रांति का त्योहार दान, पुण्य और उत्साह के साथ मनाया जाएगा.

इस साल 14 जनवरी के अलावा 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने के पिछे कारण यह है कि इस साल सूर्य का मकर राशि में आगमन 14 जनवरी मंगलवार की मध्य रात्रि के बाद रात 2 बजकर 7 मिनट पर हो रहा है. मध्य रात्रि के बाद संक्रांति होने की वजह से इसके पुण्य काल का विचार अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त से लेकर दोपहर तक होगा. शास्त्रों की माने तो मध्यरात्रि में संक्रांति होने पर पुण्य काल का विचार अगले दिन का होता है. इसी वजह से इस वर्ष मकर संक्रांति बुधवार 15 जनवरी को मनाया जा रहा है.

मकर संक्रांति के अवसर पर सूर्योदय से पूर्व स्नान और उगते सूर्य को जलार्पण करके तिल, गुड़ लाल चंदन अर्पण करना बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है.

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सूर्य़देव के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही 16 दिसंबर से चले आ रहे खरमास का समापन हो जाएगा. इसी दिन से शादी-विवाह समेत मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे. मकर संक्रांति भगवान सूर्य़ के दक्षिणायन से उत्तरायण होने का संधि का काल है. उत्तरायण में सूर्य का प्रभाव अधिक होता है और इसे देवताओं का दिन माना जाता है.

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