विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे बोले – फिजियोथेरेपिस्टों के मांगो पर केंद्र सरकार गंभीर

0
359

पटना,8 सितंबर 2019,

विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर IPA (आईपीए) बिहार के द्वारा आज इन सिन्हा इंस्टिट्यूट पटना में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा की फिजियोथैरेपिस्टन के मांगो के बारे में केंद्र सरकार गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है। इस संदर्भ में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग केंद्र सरकार के अन्य विभागों और राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग से विचार विमर्श कर जल्दी ही फिजियोथैरेपिस्टों के बारे में सकारात्मक निर्णय लेने वाली है। केंद्र सरकार “सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र पर चलने वाली है। फिजियोथैरेपिस्ट भी समाज, राष्ट्र और चिकित्सा क्षेत्र के महत्वपूर्ण घटक हैं। इसलिए बिहार सहित देश भर के फिजियोथेरेपिस्टों को इस बारे में चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।

अनुग्रह नारायण सिन्हा संस्थान में आज आईएपी बिहार शाखा के द्वारा विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि परिवार कल्याण एवम स्वास्थ्य केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे, विशिष्ट अतिथि सांसद राम कृपाल यादव एवम इदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डाक्टर एन. के विश्वास ने दीप प्रज्ज्वलित कर उद्धाटन किया।

इस कार्यक्रम में राज्य के प्रत्येक जिलो से आए फिजियोथेरापिस्ट चिकित्सकों ने शिरकत किया। आईएपी के राज्य के अध्यक्ष डा.नरेद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि विश्व भौतिक चिकित्सा परिसंध ने 8 सितम्बर को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाने का संकल्प 1997 में लिया तब से विश्व भर में भौतिक चिकित्सको के द्वारा यह दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने के पीछे हमारे फिजियोथेरेपी संवर्ग के प्रचार प्रसार और इस के क्षेत्र में आए नए नए अन्वेषणों नए प्रयोगो को मानव समाज के बीच प्रचारित करना है। इस दिवस के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से लोगो के बीच इस संवर्ग के लिए जागरूकता लाना है। अपने संवाद के दौरान उन्होंने केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा फिजियोथेरेपी संवर्ग के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यो की सराहना की और बताया की अभी इस क्षेत्र में अभी सरकार को और कार्य करने की आवशयकता है। उन्होने उपस्थित मंत्री, परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य माननीय अश्विनी कुमार चौबे से मांग की, कि क्लिनिकल एसटैबैलिजमेन्ट एक्ट में हमारे लिए जो मानक तैयार किए गए है, वो सही नही है और उसमें सुधार की जरूरत है। हमें विश्व स्वास्थ्य संगठन में वर्णित परिभाषा के तर्ज पर स्वंतत्र रखा जाए। हमें अपने मरीजों की जाँच उनके चिकित्सीय परामर्श एवम परीक्षण करने का स्वतंत्र अधिकार दिया जाए। जिससे हम मरीजों को उचित परामर्श दो पाए और उनका सफल ईलाज कर पाए। यदि अन्य विकसित देशों के मुकाबले हम अपने देश के फिजियोथेरेपी संवर्ग को खडा करना चाहते हैं तो हमें यह हक दिया जाए, तभी हमारा उचित विकास हो पाएगा।

उक्त मौके पर माननीय मंत्री श्री चौबे के सामने विशिष्ट अतिथियों पाटलिपुत्र सांसद राम कृपाल यादव और इँदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक एन. आर. विश्वास ने भी उक्त मांग का समर्थन किया।

कार्यक्रम के दौरान आईएपी बिहार के सचिव डाक्टर उमाशंकर सिन्हा ने आधुनिकता के इस दौर में फिजियोथेरेपी की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया आज फिजियोथेरेपी मानव समाज के उस तबके को मुख्य धारा में लाने का काम करती है जो शारिरिक अस्वस्थता के कारण अपने दैनिक क्रिया कलापों को संपादित नही कर पाते। उन्हें फिर से शारिरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ कर मुख्य धारा में जोड़ने का काम करती है। आज दवा के दुष्प्रभावों से मानव समाज अवगत है। हमारी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से हम मरीजों को दवाई के बिना चंगा कर उन्हें जीवनदान देते हैं।

कार्यक्रम के दौरान आईएपी बिहार के सभी जिलों से आए हुए सदस्यों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष डाक्टर नरेंद्र कुमार सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया जिसमें राज्य के तमाम जिलो से आए हुए भौतिक चिकित्सको को बोलते हुआ कहा कि हमारी चिकित्सीय सेवा मानवता के लिए वरदान है। हम उनलोगो को काम करने,चलने फिरने लायक बनाते है जो किसी न किसी बिमारी के कारण अक्षम हो जाते है। हम मरीज को सेवा देते देते उनके इतने करीबी हो जाते है कि घर में किसी तरह की चिकित्सीय परामर्श की आवश्यकता होती है तो मरीज के घरवाले पहले हमसे परामर्श लेते हैं।

डाक्टर उमाशंकर सिन्हा ने एक बात कही जब कोई बीमार व्यक्ति इलाज के लिए हमारे पास आता है तो वो मरीज बनकर आता है मगर जब वह हमारे यहाँ से कुछ दिनो में ठीक होकर जाता है तो हमारा दोस्त बन जाता है।

आयोजन समिति के सचिव डाक्टर अविनाश चौधरी ने फिजियोथेरेपी समारोह में आए हुए आतिथियो को धन्यवाद ज्ञापन किया और माननीय मंत्री महोदय से क्लिनिकल एस्टैबैलिजमेंट एक्ट में फिजियोथेरेपी के लिए जो परिभाषा जताई गई है, उसपर खेद व्यक्त करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के तर्ज पर परिभाषित करने के लिए मंत्री महोदय से निवेदन किया।

समारोह में इँदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान के डाक्टर विनय पाण्डेय, डाक्टर रत्नेश चौधरी, बोधगया के फिजियोथेरेपी काँलेज के विभागाध्यक्ष डाक्टर रोहित कुमार सिन्हा, महावीर वात्सल्य फिजियोथेरेपी काँलेज के डाक्टर पल्लवी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान डा उदयशंकर प्रसाद, भुतपूर्व व्याख्याता, बिहार काँलेज आँफ फिजियोथेरेपी एवम आँकुपेशनलथेरापी पटना को लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड माननीय मंत्री जी के हाथों प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक सत्र का भी आयोजन किया गया जिसमें राज्य के विभिन्न काँलेजो के व्याख्याताओं के द्वारा वैज्ञानिक सत्र में अपने व्याख्यान दिये गए।

कार्यक्रम के दौरान आईएपी के बिहार शाखा के सयुंक्त सचिव और राज्य के एकमात्र बिहार सरकार के संचालित डिस्ट्रिक्ट अर्ली इन्टरवेंसन के डा मृत्युंजय कुमार तथा डा देवव्रत ने कार्यक्रम के सुचारू रूप से संचालित करने में अहम भूमिका निभाई। आईएपी बिहार के सदस्य डा.सुनील कुमार, डा.अक्षय कुमार, डा.पंकज कुमार, डा.सुजीत, डा प्रियदर्शी कुमार, डा. गुंजन जयराम, डा. नसर नसीम, डा. अजित कुमार एवम् राज्य के विभिन्न जिलो से आए फिजियोथेरेपी के विशेष चिकित्सको ने कार्यक्रम में शिरकत कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

सधन्यवाद,

वेद प्रकाश,
मीडिया प्रभारी,
श्री अश्विनी कुमार चौबे,
स्वास्थ्य एवं परिवार
कल्याण राज्यमंत्री,
भारत सरकार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here