आप भी घर पर फहरा रहे हैं तिरंगा तो जान ले,झंडा संहिता में हुआ बदलाव

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भारत के इससे सुंदर तस्वीर और क्या होगी जब भारत के हर घर देश का तिरंगा लहराएगा, इस बार 15 अगस्त कुछ ख़ास होने वाला है, हर भारतीय नागरिक के लिए ये एक मुबारक मौका होगा, जिन्हें लगता था भारत लोकतंत्र के लायक नही है उन्हें येर बताने का की भारत इतने सालो में न सिर्फ लड़ा बल्कि बढ़ा भी है ये मौका भारत ने अब तक जो भी हासिल किया उस पर गर्व करने का

आज़ादी की 75 वी सालगिरह पर सरकार आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रही है, इसके तहत हर घर तिरंगा अभियान का ऐलान किया गया है. हर घर तिरंगा अभियान  स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा है इस पहल के जरिए पूरे भारत के नागरिको के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय धवज फहराने को  प्रोत्साहित करती है, इस अभियान को 22 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा शुरू किया गया था, मोदी जी ने देश की जनता से 13 से 15 अगस्त तक अपने घरो में तिरंगा फहराने को कहा ओर लोगो से ये भी अपील की की 2 अगस्त से 15 अगस्त तक सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर वो अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदले को भी कहा गया है

अगर आप भी अपने घर पर तिरंगा फहरा रहे है तो इन जरूरी बातों को जान लीजिये अब झंडा खुले में प्रदर्शित किया जाता है या इसे दिनरात फहराया जा सकता है।इससे पहले, तिरंगे को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की अनुमति थी।झंडा संहिता के एक अन्य प्रावधान में बदलाव करते हुए कहा गया कि राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काता और हाथ से बुना हुआ या मशीन से बना होगा। यह कपास/पॉलिएस्टर/ऊन/ रेशमी खादी से बना होगा। इससे पहले, मशीन से बने और पॉलिएस्टर से बने राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग की अनुमति नहीं थी. मालूम हो की 2002 से पहले आम लोगों को सिर्फ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने की छूट थी। 26 जनवरी 2002 को इंडियन फ्लैग कोड में संशोधन किया गया, जिसके बाद अब कोई भी नागरिक किसी भी दिन झंडा फहरा सकता है। आपको बता दें कि तिरंगा फहराने के भी कुछ नियम हैं।

झंडे को कभी पानी में नहीं डुबोया जा सकता। किसी भी तरह फिजिकल डैमेज नहीं पहुंचा सकते। झंडे के किसी भाग को जलाने, नुकसान पहुंचाने के अलावा मौखिक या शाब्दिक तौर पर इसका अपमान करने पर तीन साल तक की जेल या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं कोई भी झंडे का व्यवसायिक इस्तेमाल नहीं कर सकते। किसी को सलामी देने के लिए झंडे को झुकाया नहीं जाएगा। अगर कोई शख्स झंडे को किसी के आगे झुका देता हो, उसका वस्त्र बना देता हो, मूर्ति में लपेट देता हो या फिर किसी मृत व्यक्ति के शव पर डालता हो, तो इसे तिरंगे का अपमान माना जाएगा।

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