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खुशखबरी! हज यात्रियों को 50 हजार रुपये तक की मिली छूट, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिली राहत

Bihari News

केंद्र सरकार ने हज यात्रियों के लिए बड़ी राहत देते हुए कई तरह की छूट दी गई है. बता दें कि केंद्र सरकार ने हज यात्रियों को आवेदन शुल्क 300 रुपय़े जमा करने होते थे. वहीं बगैर महरम कोटे में अकेली महिला को भी आवेदन करने की छूट दी गई है. वर्तमान नियम की अगर हम बात करें तो बगैर महरम के कोटे में चार के ग्रुप में महिलाओं को आवेदन करने का अधिकार था. हज यात्रियों के नए नियम में जो बदलाव देखने को मिला है उसके तहत अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने हज 2023 की नई पॉलिसी जारी कर हज यात्रियों को कई सहुलियत को शामिल किया है. इसके अलावा भारत को मिले हज सीटों को कोटे में इस बार निजी टूर ऑपरेटरों को मिलने वाले हज सीटों के कोटे में 10 प्रतिशत तक की कटौती की गई है.

आपको बता दें कि हज कमेटी ऑफ इंडिया पूरे देश में हज यात्रा कार्यक्रम को संचालित करती है. यह पॉलिसी पांच साल के लिए तैयार की जाती है. आपको बता दें कि पिछली बार साल 2018 में हज पॉलिसी तैयार की गई थी जोकि साल 2022 में समाप्त हो गई है. अब इधर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने पिछले दिनों हज 2023 को लेकर नई पॉलिजी जारी कर दी है जिसमें हज यात्रियों के लिए कई तरह की छूट की घोषणा कर दी है. जारी नए आदेश के अनुसार इस बार हज यात्रा के लिए आवेदन फ्री होगा. हज यात्रा पर जाने के लिए सभी यात्री फ्री में आवेदन करेंगे. इससे पहले जो यात्री हज यात्रा के लिए आवेदन करते थे, उन्हें 400 रुपये प्रति व्यक्ति आवेदन फीस देनी होती थी. जारी नई पॉलिसी के आधार पर हज यात्रा करने वाले यात्रियों को 50 हजार रुपये की बचत होगी. बता दें कि पहले आवेदन करते समय बैग, सूटकेस छाता, चादर जैसे सामानों का पैसा लिया जाता था. लेकिन जारी नए आदेश के अनुसार हाजियों को इन चीजों का शुल्क नहीं देना होगा. अब हज यात्री अपने स्तर पर सामान खरीदकर ले जा सकेंगे. साथ ही इस बार हज यात्रा पर जाने के लिए बुजुर्ग, दिव्यांग और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी.

इस बार की नई पॉलिसी में केंद्र सरकार ने हज यात्रियों के लिए वीआईपी कोटे को समाप्त कर दिया है. ऐसे में अब VIP यात्रियों को भी आम यात्रियों की तरह हज यात्रा करनी होगी. आपको बता दें कि साल 2012 में VIP कोटा लागू किया गया था जिसमें 500 सीटें निर्धारित की गई थी. जिसमें से 100 सीटें राष्ट्रपति, 75 उप राष्ट्रपति, 75 प्रधानमंत्री, 50 अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और 200 सीटें हज कमेटी ऑफ इंडिया को आवंटित थी. ऐसे में अब कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति की सीटों को छोड़कर बाकि सभी सीटों को रद्द कर दिया गया है.

इधर उत्तर प्रदेश हज कमेटी के चेयरमैन मोहसिन रजा ने बताया है कि नई पॉलिसी के तहत निजी टूर ऑपरेटरों की हज सीटों के कोटे में 10 फीसदी तक की कटौती की गई है. संऊदी अरब सरकार से भारत को मिलने वाले हज सीटों का 80 फीसदी हज कमेटियों को आरक्षित किया गया है. जबकि 20 फीसद सीटें निजी टूर ऑपरेटरों को दी जाएंगी. वर्तमान समय तक 30 प्रतिशत हज यात्रियों को निजी टूर ऑपरेटरों के साथ जाने का मौका मिलता था.

भारत में अगर हम हज यात्रियों की संख्या की जिक्र करें तो सीटें कमने के बाद भी 1 लाख 75 हजार 025 सीटें बची हैं.

इस नई पॉलिसी के तहत महिला तीर्थयात्री बिना महरम के मक्का की यात्रा कर सकेंगी. मरहम महिला के साथ यात्रा के लिए एक पुरुष रिश्तेदार को रहना होता है. या फिर महिलाओं को ग्रुप में रहना होता है. लेकिन पिछले साल यानी की अक्टूबर2022 में सऊदी अरब सरकार ने दी जिसमें कहा गया कि एक महिला यात्री को अपने साथ पुरुष अभिभावक लाना अब महिलाों के लिए अनिवार्य नहीं है. साथ ही यह भी बताया गया है कि जो लोग हज कमेटी की ओर से पहले यात्रा कर रखी है, वे आवेदन के लिए योग्य नहीं होंगे. साथ ही स्वास्थ्य की जांच सिर्फ सरकारी अस्पताल में करानी होगी. निजी अस्पताल की जांच मान्य नहीं होगी. 45 साल से ज्यादा की कोई महिला अब अकेले हज के लिए आवेदन कर सकते हैं.

यात्रा के लिए इन 25 स्थानों का निर्धारण किया गया है.

श्रीनगर, रांची, गया, गुवाहाटी, भोपाल, इंदौर, मंगलुरु, गोवा, औरंगाबाद, वाराणसी, जयपुर, नागपुर, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोच्चि, विजयवाड़ा, अगरतला इन स्थालों से आप अपनी यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं.

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