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मिट्टी के कुल्हड़ में चाय पीने के है कई फायदे, जानकार रह जाएंगे हैरान

Bihari News

चाय, यह एक ऐसी चीज है जिसका नाम सुनते ही लोगों के अन्दर की सारा आलस दूर भाग जाती हैं. इसके अलावा भी कई लोग ऐसे होते है जिनकी सुबह की शुरुआत चाय से ही होती हैं. कुछ लोगों के लिए चाय इतनी जरुरी होती है कि वे चाय को अपने जीवन में जरुरी हिस्से की तरह शामिल कर सकतें हैं. आज के समय में बच्चेबच्चे चाय के शौकीन होते हैं. आमतौर पर गर्मी का मौसम हो या ठण्ड का मौसम हो, लेकिन चाय का आनंद हर मौसम में लोग खूब लेते हैं. वहीं जब बात कुल्हड़ की चाय की आती है तो चाय के दीवाने और भी खुश हो जाते हैं. बता दे कि लोग कुल्हड़ की चाय को सर्दी के मौसम में दिन के बजाय रात को पीना ज्यादा पसंद करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आप जिस कुल्हड़ में चाय पी रहे वह हमारे लिए फायदेमंद है या नही. क्योंकि हम सभी जानते है कि कुल्हड़ को मिटटी से बनाया जाता है और इसी कुल्हड़ में हमें चाय दी जाती है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते है जिनके मन में ये शंका होती है कि कुल्हड़ की चाय कही हमारे शरीर को नुकसान तो नहीं पहुंचा रही हैं. अगर आपके मन में भी इस तरह के सवाल उठते है तो आज का यह विडियो आप सभी के लिए ही हैं.आज हम आपको इस विडियो में बतायेंगे कुल्हड़ की चाय हमारे सेहत के लिए फायदेमंद है या नही. तो आपकी जानकारी के लिए बता दे कि कुल्हड़ की चाय पिने से हमारे सेहत को किसी प्रकार का नुक्सान नहीं पहुँचता. बल्कि हमारे सेहत को फायेदा ही पहुँचता. अगर हम चाय को कुल्हड़ में पिटे है तो इससे चाय की गुणवत्ता और भी बढ़ जाती है. कई दुकाने ऐसी होती है जहां चाय को प्लास्टिक की ग्लास या फिर शीशे के ग्लास में देते हैं . लेकिन क्या आपको पता है कि इन सभी चीजों में चाय पिने से हमारे सेहत पर बुरा असर पड़ता है. इसमें चाय पीने से हमें बैक्टेरियल इन्फेक्शन से लेकर पाचन सम्बन्धी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जानकारी के लिए बता दे कि जब गर्म चाय को प्लास्टिक की ग्लास में डाला जाता है तो उसमे में मौजूद केमिकल चाय गर्म होने के कारण चाय में घुल जाते हैं और फिर हम उसी चाय को पीते है, जिससे हमें कैंसर जैसी खतरनाक बिमारी होने की संभावना हो जाती हैं. वहीं अगर हम शीशे के ग्लास में चाय पीते है तो, वह भी हमारे सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होता. हम आपने आसपास के दुकानों में देखते है कि दुकानदार शीशे के ग्लास को धो कर कई लोगों को उसी ग्लास से चाय पीलाता है. वहीं कई बार ऐसा होता है कि गिलास को साफ़ तरीके से नहीं धोया जाता, जिस वजह से इन्फेक्शन फैलने की संभावना और भी बढ़ जाती हैं.बता दे कि एक शोध के अनुसार यह बताया गया है कि अगर मिट्टी के बर्तन में किसी खाने को बनाया जाए या पकाया जाए तो वह उस भोजन के स्वाद को काफी बढ़ा देता है. इसी तरह अगर हम अगर मिट्टी के बर्तन में पानी भी पीते है तो वो हमारे सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता हैं. इन्हीं कारणों से हमारी संस्कृति में भी मिट्टी के बर्तन का उल्लेख मिलता है और इसके अलावा पुराने समय में हमारे पूर्वज मिटटी के बर्तन में ही भोजन खाते थे या पानी पीते थे. और यही वजह थी कि पुराने जवाने के लोग सेहत से काफी अच्छे हुआ करते थे. बताते चले कि रिसर्च में बताया गया है कि मिट्टी के बर्तन में जब हम खाने या पीने वाले चीजों को डालते है तो, बर्तन में मौजूद कैल्शियम खाद्य पदार्थो के साथ मिल जाते है और फिर वे हमारे शारीर में आ जाते है. जब भी कोई मिट्टी के बर्तन में खाने को बनता है तो बर्तन खाने के माइक्रोन्यूट्रिएंट्स को प्रिजर्व करके रखता है. ठीक उसी प्रकार जब बात कुल्हड़ के चाय की आती है तो उसमें भी चाय के सारे पोषक तत्व प्रिजर्व होकर रहते हैं. मिट्टी के बर्तन के अलावा लोग अपनी सेहत को सही बनाये रखने के लिए कॉपर और सिल्वर के बर्तन में भी खाना कहा सकते है , परन्तु यह काफी ज्यादा महंगे होते है जिस वजह से लोग इसका प्रयोग नहीं कर पाते. ऐसे में मिट्टी के बर्तन को सबसे बजट फ्रेंडली माना गया हैं. जो किसी भी प्रकार के लोगों की पहुँच तक का है.चलिए अब हम आपको मिट्टी के कुल्हड़ में चाय पीने के फायदे बताते है. मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता है और जब कुल्हड़ को मिट्टी से बनाया जाता है तो कैल्सियम की मात्र कुल्हड़ में भी मौजूद होती हैं. और जब हम कुल्हड़ के चाय को पीते है तो हमारे शरीर को सिमित मात्र में कैल्शियम की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही यह हमारे शरीर के एसेडिक नेचर को कम कर देता है . यह गैस तथा एसिडिटी जैसी समस्याओं में भी कारगर साबित होता है. वहीं जब हम कुल्हड़ की चाय पिते है तो कुल्हड़ में मौजूद एंटीओक्सिडेंट बैक्टीरिया को पनपने नही देते . इसके साथ ही कुल्हड़ को एक बार ही उपयोग में लाया जाता है, जिस कारण बैक्टीरिया फैलने की संभावना और भी कम हो जाती है. कुल्हड़ में अल्कालाइन भी पाया जाता है जिस वजह से हमारे पेट में एसिड नही बनने देता. इसके अलावा चाय पिने के बाद अगर आपको खट्टी ढकार होती है और पाचन सम्बन्धी समस्याओं से परेशान रहते है तो, कुल्हड़ का चाय आपके लिए काफी फायदेमंद है. इसके साथ ही कुल्हड़ इकोफ्रेंडली होता है , जिस वजह से यह हमारे वातावरण को भी किसी प्रकार का नुक्सान नही पहुंचा पाता क्योंकि मिट्टी से बना यह कुल्हड़ बाद में खुद मिट्टी में ही तब्दील हो जाता है.

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