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इस दौरान महिलाओं को भूलकर भी नहीं फोड़ना चाहिए नारियल

Bihari News

भारतीय हिंदू परंपरा में बहुत से ऐसे कार्य हैं जिसे महिलाओं के लिए निषेध है. यानी की वे नहीं कर सकती है. हिंदू धर्म ग्रंथों में इसको लेकर कई तरह के तर्क भी दिए गए हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही कार्य के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे महिलाओं को नहीं करना चाहिए. बता दें कि यह ऐसा कार्य हैं जो कि हिंदू परंपरा में बहुत ही लंबे समय से चली आ रही है. आज हम आपको जिस कार्य के बारे में बताने वाले हैं वह है. नारियल नहीं फोड़ने का. और यह कार्य हमारे हिंदू समय लंबे समय से चली आ रही है. नारियल फोड़ने को लेकर. हमारे समाज में यह धारणा है कि इसे शुभ माना जाता है. साथ ही किसी भी शुभ कार्य या किसी भी पूजा पाठ में अगर दान करना हो या किसी को कुछ देना हो तो उसमें नारियन यानी की श्रीफल के साथ में उनको हम दान करते हैं. जैसे एक उदाहरण के रूप में समझे तो अगर किसी भी व्यक्ति की शादी ठीक हुई है तो इस दौरान श्रीफल भेंट स्वरूप देकर शादी के शुभ कार्य को आगे बढ़ाया जाता है. खास कर शादी में तिलक के दिन दुल्हें को श्रीफल भेंट स्वरूप दिया जाता है.

दंत कथाओं की माने तो जब भगवान विष्णु पृथ्वी पर प्रकट लिए तो वे स्वर्ग से अपने साथ तीन विशेष तरह की वस्तुएं लेकर आए थे. जिसमें पहली थी मां लक्ष्मी, दूसरी थी कामधेनु गाय और तीसरी थी नारियल का वृक्ष. श्रीफल मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का फल है इसीलिए नारियल को श्रीफल भी कहा जाता है. कहा जाता है कि नारियल में त्रिदेव का वास होता है है यानी की ब्रह्मा, भगवान विष्णु, और महादेव का वास है. कहा तो यह भी जा रहा है कि भगवान शंकर को श्रीफल सबसे ज्यादा प्रिय हैं. और श्रीफल में भगवान शंकर के त्रिनेत्र की तरह आकृति भी बनी होती है.

बता दें कि हिंदू धर्म के लभगभ पूजा में नारियल का अपना अलग ही महत्व हैं. कहा जाता है कि पूजा पाठ में अगर नारियल न हो तो उसे अधूरा माना जाता है. लेकिन इसमें विशेष यह है कि इसे स्त्रियां नहीं फोड़ सकी है. इसके पीछे जो तर्क दिया जाता है उसमें यह बताया जाता है कि नारियल एक बीज फल है जो वनस्पति के उत्पादन या प्रजनन का कारक है. नारियल को प्रजनन क्षमता से जोड़ कर भी देखा जाता है. और कहा जाता है कि स्त्रियां बीज रूप में ही शिशु को जन्म देती है इसीलिए लिए स्त्रियों को नारियल नहीं फोड़ना चाहिए. स्त्रियों द्वारा नारियल फोड़ने को शास्त्र, वेद एवं पुराण में अशुभ माना गया है. इसीलिए यह कहा जाता है कि जब देव देवताओं की पूजा साधना हो तो केबल पुरुष ही नारियल को फोड़ सकते हैं.

नारियल फोड़ने को लेकर एक पौराणिक कथा यह भी है जिसमें यह कहा जाता है कि विश्व का निर्माण के लिए जब ब्रह्मा जी निकले तो उन्होंने सबसे पहले नारियल का निर्माण किया था. कहा जाता है कि नारियल में ब्रह्मा, विष्णु और महादेव का वास होता है. इसीलिए कहा जाता है कि महिलाओं को नारियल से दूर रखा जाता है. बता दें कि महिलाएं शिशुओं को जन्म देती है, जिससे की संसार में जन्म मृत्यु का चक्र चल रहा है. हमने आपको पहले ही बताया है कि नारियल एक बीज की तरह है और स्त्रियां एक बीज के रूप में ही बच्चे को जन्म देती है इसीलिए कहा जाता है कि कोई भी महिला किसी भी बीज को नुकसान कैसे पहुंचा सकती है. यही वह कारण है जिसके चलते हिंदू धर्म में महिलाओं को देवी-देवताओं के पूजा के बाद नारियल फोड़ने से मना किया जाता है.

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