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स्मार्ट प्रीपेड मीटर इस्तमाल करने वाले उपभोक्ता हो जाये सावधान ! जल्द करे ये काम नही तो चुकाना होगा डबल दाम

Bihari News

बिहार की बिजली कंपनी ने स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को सावधान किया है. अगर आप भी उन उपभोताओं में आते है जो स्मार्ट प्रीपेड मीटर का इस्तमाल करते है तो यह खबर आपके लिए ही है. बता दे कि बिजली कंपनी ने उन उपभोताओं को छह महीने का समय देने का निर्णय लिया है जो अपने लिए गए लोड से ज्यादा बिजली खर्च कर उसकी दोगनी राशि चुकाते हैं. बिजली कंपनी के द्वारा छह महीने का समय इसलिए दिया गया है ताकि सभी उपभोक्ता मिले इस समय के अन्दर अपने बिजली की खपत के अनुसार लोड बढ़वा ले. अगर कोई उपभोक्ता इस दौरान भी अपने लोड को नही बढ़वा पाते है तो, उन्हें छह महीने के बाद फिर से दोगनी राशि ही बिजली कंपनी को चुकाने होंगे.

वहीं अगर बिजली कंपनियों की माने तो उनके अनुसार घरेलु उपयोग के लिए सामान्य तौर पर लोग 2 से 3 किलोवाट बिजली का कनेक्शन लेते है यानी कि देखा जाये तो, घर में एक महीने में 2 हजार से 3 हजार वाट बिजली की खपत की जाती है. लेकिन आज के समय में बिजली की यह खपत इससे ज्यादा होती है. बिजली कंपनी के अनुसार बिजली की खपत घरों में इसलिए ज्यादा होती है क्योंकि आजकल कई तरह के मशीने मार्केट्स में आ गए है और इन सभी मशीनों का उपयोग लोग अपने घरों में करते है. बता दे कि एक समय में वाशिंग मशीने, टीवी, मिक्सर, फ्रीज , हीटर, गीजर सभी मशीनों का धड़ल्ले से इस्तमाल करते है जिस वजह से तय लोड से अधिक बिजली की खपत सभी उपभोक्ता कर लेते हैं और उसके बाद उन्हें अधिक भुगतान करने पड़ जाते हैं.बता दे कि अभी उपभोताओं को बिजली की अधिक खपत के कारण तय चार्ज से दोगनी चार्ज देना होता है. वहीं अगर पहले के मीटर की बात करे तो, पहले के मीटर में इस बात की गणना नही हो पाती थी लेकिन स्मार्ट मीटर में जैसे ही बिजली की खपत लिए गए लोड से ज्यादा होती है तो मीटर से फिक्स्ड चार्ज कट जाता है. ऐसे में लोगों को यह समझना मुश्किल हो जाता है कि आखिर कैसे उनके बिजली के चार्ज एक दो दिन में ही बढ़ जाते है. इसके अलावा एक और कारण है जिसकी वजह से स्मार्ट मीटर में राशि कट जाती है . बता दे कि एक किलोवाट का फिक्स्ड चार्ज 40 रुपये है. उपभोताओं की इन सभी परेशानियों को देखते हुए बिजली कंपनी के द्वारा विनियामक आयोग के समक्ष दायर की गयी है. और यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस पर आयोग के द्वारा निर्णय लिया जायेगा. वहीं उपभोताओं की इन सभी समस्याओं को देखते हुए आयोग के द्वारा स्मार्ट प्रीपेड मीटर इस्तमाल करने वाले उपभोताओं को छह महीने का समय दिया गया है ताकि वे सभी अपने खपत के अनुसार बिजली के लोड को बढ़वा सके. इसके साथ ही याचिका दायर करने के बाद आयोग का कहना है कि नवम्बर महीने के बाद अगले छह महीने तक उपभोताओं को अधिक बिजली की खपत पर दोगनी राशि नहीं देनी होगी.

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