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दावा: किसी तरह के समारोह में बचे खाने की बर्बादी को रोकने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर करें कॉल

Bihari News

डिजिटल युग के इस जमाने में हर किसी के हाथ में एंड्राइड फ़ोन आपको देखने को मिल जायेगा. सोशल मीडिया के इस जमाने में अधिकत्तर लोग सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव देखने को भी मिलते हैं. कई बार इसी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर हमें कई तरह की ख़बरें भी देखने को मिलती है. जहाँ कई बार वे खबर फर्जी और भ्रामक भी हो सकती हैं. कई बार तो ऐसा भी होता है की उन ख़बरों की जांच पड़ताल किये बिना हीं हम उन ख़बरों पर यकीन भी कर बैठते हैं. साथ हीं साथ यकीन तो करते हीं हैं दूसरों को भी वे ख़बरें फॉरवर्ड करते जाते हैं. इन दिनों फिर से एक और खबर वायरल होती नज़र आ रही है. व्हाट्सएप पर भी लोग इस मेसेज को धड़ल्ले से शेयर कर रहे हैं. जिसमे इस बात का दावा किया जा रहा है की प्रधानमंत्री द्वारा जारी किये गये चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर के किसी तरह के समारोह या कार्यक्रम के दौरान बचे हुए खाने को दान कर सकते हैं. ताकि खाने की बर्बादी भी ना हो और भूखे बच्चों में खाने को दान किया जा सके.

आइये अब विस्तार से जानते हैं की आखिर वायरल हो रहे इस खबर में क्या कहा गया है. दरअसल जब हमने इस खबर की पड़ताल शुरू की तो वायरल हो रहे इस खबर की असल जानकारी हमें PIB फैक्ट चेक के माध्यम से मिली. जहाँ वायरल हो रहे इस खबर में लिखा था की.. खुशखबरी: प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा के अनुसार आपके घर में कोई समारोह या पार्टी है और बहुत सारा खाना बर्बाद हो रहा है, तो कृपया 1098 पर कॉल करें. इस मैसेज में यह भी बताया गया था की भारत में कहीं से भी आप इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं. आगे उस मैसेज में इस बात की चर्चा भी की गयी थी की चाइल्ड हेल्पलाइन के लोग आपसे भोजन एकत्र कर लेंगेकृपया इस सन्देश को हर जगह फैलाएं जिससे कि कई बच्चों को खाने की मदद मिल सकती है. आगे इस मैसेज में यह लिखा गया था की कृपया इस जंजीर को ना तोड़ें, मदद करने वाले हाथ प्रार्थना करने वाले होठों से बेहतर हैं. मैसेज के ठीक नीचे यह भी सलाह दी जा रही थी की हर ग्रुप में इस खबर को शेयर करें.

लेकिन PIB फैक्ट चेक की तरफ से इस मैसेज को पूरी तरह से फर्जी पाया गया. PIB फैक्ट चेक के आधिकारिक वेबसाइट पर यह साफ़ शब्दों में कहा गया है की 1098 एक चाइल्डलाइन आपातकालीन फ़ोन सेवा है जो संकट में बच्चों को सहायता प्रदान करती है. साथ हीं साथ वहां यह भी बताया गया है की यह सेवा भोजन इकट्ठा या वितरित करने के लिए नहीं है.

जिस तरह से इस मैसेज के अंतिम में भावावेश शब्दों का चयन किया गया था. शायद कुछ लोग इसे पढ़ कर, भावनाओं में बह जाए और बिना सच की पड़ताल किये हीं मैसेज को फॉरवर्ड कर दे. लेकिन ध्यान रहे गलत जानकारी वाले मैसेज या फिर किसी प्रकार के फर्जी और भ्रामक मैसेज को शेयर करना हीं सबसे बड़ा जुर्म है. ऐसा करने से बचे. और दूसरों को भी ऐसा करने से मना करें.

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