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भगवान ब्रम्हा ने बनाया था ये कुण्ड, नहाने से ठीक हो जातें हैं असाध्य रोग

Bihari News

बिहार में राजगीर पर्यटकों के दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण स्थल है. यह नालंदा जिला का एक एतिहासिक व प्राचीन शहर है, यह शहर अपने एतिहासिक व प्राचीन धरोहर और अपनी धार्मिक महत्ता के लिए पुरे दुनिया भर में प्रसिद्धि पा चूका है. अगर आप खुद को भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा ब्रेक देना चाहते हैं और समझ में नहीं आ रहा है कि कहाँ जाएं तो ऐसे में मैं दावे के साथ कह सकती हूँ की राजगीर आपके लिए बेस्ट ऑप्शन होगा. ये शहर धार्मिक लोगो के साथसाथ जो रोमांचक यात्रा चाहते हैं. या फिर बच्चों के लिए भी. यह शहर सभी वर्ग के लोगो की यात्रा को ख़ास बनाता है. राजगीर, हिन्दू , बौद्ध तथा जैन धर्म के समामेलन के लिए जाना जाता है. यह अद्भुत दृश्य आपको और कहीं नहीं मिलेगा. राजगीर अनेकों बड़े ख्याति उपलब्धि संघर्ष व शांति के लिए महाभारत काल से ही जाना जाता हैं. राजगीर शहर अपने सुन्दर हरे भरे जंगल,पहाड़ियों, गर्म कुंड ,झरने, गुफाएं, प्राचीन किला के खंडहर, मैदान, ग्लास ब्रिज इत्यादी के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं. लेकिन राजगीर के गर्म कुण्ड की बात ही अलग है. राजगीर में ये गर्म कुण्ड पर्यटकों के लिए सबसे मुख्य आकर्षण का केंद्र है. राजगीर पहुँचने वाले पर्यटकों की सबसे पहली इच्छा होती है की वो राजगीर के इस गरम कुण्ड में स्नान करें.

राजगीर में गर्म पानी का कुण्ड अपने धार्मिक महत्व के साथसाथ औषधीय गुणों के कारण एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है। इसका एक प्राकृतिक गर्म पानी पवित्र वैभवगिरि पहाड़ियों के नीचे अव्यक्त चैनलों के माध्यम से बहता है, यह एक परिसर में तलहटी के ठीक ऊपर सात अलगअलग धाराओं में दिखाई देता है। यह ब्रह्म कुंड या गरम पानी का झरना या गरम कुंड के रूप में भी जाना जाता है, गर्म पानी का झरना राजगीर में एक दर्शनीय स्थान है। हिंदू भक्तों के लिए एक तीर्थयात्रा जो स्नान करने के लिए यहां आते हैं और अपनी बुराइयों से छुटकारा पाते हैं और कहा जाता है कि यहाँ नहाने से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. यही नहीं इसके अलावा, यह माना जाता है कि इसमें मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द के लिए चमत्कारी रूप से उपचार गुण होते हैं। राजगीर में 22 कुंड और 52 धाराएं हैं जो देवताओं, ऋषि मुनियों व नदियों के नाम पर हैं। राजगीर आनेवाले लोगों की प्राथमिकता होती है कि वे यहां गर्म पानी के कुंड और धाराओं का आनंद लें। इन्सभी में सबसे प्रमुख सप्तधारा कुण्ड जिसमें दो धाराएं बंद हो चुकी हैं.

बताते चलें की राजगीर के वैभारगिरी पर्वत पर भेलवाडोव नाम का एक तालाब है, जहां से गर्म जल पर्वत से होते हुए राजगीर गर्म कुंड में पहुंचता है।वैज्ञानिकों के अनुसार इस पर्वत में कई तरह के केमिकल्स जैसे सोडियम, गंधक, सल्फर हैं। इसकी वजह से पानी गर्म होता है. यहाँ स्थित ब्रम्ह कुण्ड बेहद ही प्रसिद्द है. आख्यानों के अनुसार भगवान ब्रम्हा के पौत्र ने यहाँ यज्ञ करवाया था. यज्ञ से पहले स्नान के लिए ब्रम्हा जी ने यहाँ कुण्ड बनवाया था. जिस वजह से इस कुण्ड का नाम ब्रम्ह कुण्ड पड़ा है. वहीँ इस यज्ञ में कुल सात महत्वपूर्ण ऋषियों ने भगा लिया था. जिनमे भारद्वाज मुनि,दुसरे विश्वामित्र मुनि, तीसरे गौतम मुनि, चौथे वशिष्ठ मुनि, जदग्नी मुनि, पांचवा और छठा कुण्ड का धारा बंद हो गया है. अभी श्रद्धालु कुल 5 धारों में स्नान का लुत्फ़ उठाते हैं. इस कुण्ड के बारे में कहा जाता है की इन धाराओं में नहाने से मृत्यु के बाद मोक्ष की पप्राप्ति होती है यही नहीं जोड़ो के दर्द के लिए यहाँ नहाना राम बाण है. इसे लोगो की श्रद्धा कहें या फिर वैज्ञानिक कारण लेकिन जो भी हो यह बेहद ही अद्भुत औ अविश्वसनीय है.

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